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भाग 3: सब्जियाँ, फूल और माइक्रोग्रीन उगाने की विधि

सभी फसलों के लिए सामान्य तैयारी

सबसे पहले बायो एक्टिव ग्रो मीडिया, बायो एक्टिव जिप्सम, बायो एक्टिव रॉक फॉस्फेट और नीम की खली को मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएँ। तैयार मिश्रण को दबाते हुए ग्रो बैग में भरें।

बीज बोने के बाद झारे से हल्का पानी दें। पानी इतना ही दें कि मिट्टी में नमी बनी रहे। मूल दस्तावेज़ के अनुसार सर्दियों में 7-10 दिन और गर्मियों में 3-5 दिन बाद दोबारा पानी देना है। हालांकि वास्तविक पानी की आवश्यकता मौसम, पौधे और मिट्टी की नमी देखकर तय की जानी चाहिए।

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1. धनिया उगाने की विधि

• धनिया के बीज को हाथ से हल्का रगड़कर दो भागों में तोड़ लें। 

• बीजों को ग्रो बैग में गुच्छे में अथवा लाइन में बोएँ। 

• गोलाकार ग्रो बैग में बीजों के बीच लगभग 2 इंच या तीन अंगुलियों का अन्तर रखें। 

• बुवाई के 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• पौधों में 2-3 पत्तियाँ आने पर अथवा बुवाई के 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• 65वें दिन पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। 

धनिया की कटाई

• पहली कटाई: 50-55 दिन बाद 

• दूसरी कटाई: 60-65 दिन बाद 

• तीसरी कटाई: 70-75 दिन बाद 

• चौथी कटाई: 80-95 दिन बाद 

• पाँचवीं कटाई: 95-100 दिन बाद 

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2. पालक उगाने की विधि

• पालक के बीजों को ग्रो बैग में लाइन में बोएँ। 

• बीजों के बीच लगभग 2 इंच या तीन अंगुलियों का अन्तर रखें। 

• बुवाई के बाद झारे से हल्का पानी दें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 2-3 पत्तियाँ आने पर अथवा 18-20 दिन बाद FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• 65वें दिन पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। 

पालक की कटाई

• पहली कटाई: 50-55 दिन बाद 

• दूसरी कटाई: 60-65 दिन बाद 

• तीसरी कटाई: 70-75 दिन बाद 

• चौथी कटाई: 80-90 दिन बाद 

• पाँचवीं कटाई: 90-100 दिन बाद 

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3. हरी मेथी उगाने की विधि

• मेथी के बीजों को ग्रो बैग में लाइन में बोएँ। 

• बीजों के बीच लगभग 2 इंच या तीन अंगुलियों का अन्तर रखें। 

• बुवाई के बाद झारे से हल्का पानी दें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 2-3 पत्तियाँ आने पर अथवा 18-20 दिन बाद FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• 65वें दिन पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। 

हरी मेथी की कटाई

• पहली कटाई: 50-55 दिन बाद 

• दूसरी कटाई: 60-65 दिन बाद 

• तीसरी कटाई: 70-75 दिन बाद 

• चौथी कटाई: 80-90 दिन बाद 

• पाँचवीं कटाई: 90-100 दिन बाद 

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4. चुकन्दर उगाने की विधि

• बीजों को लगभग 4 इंच या चार अंगुलियों के अन्तर पर लाइन में बोएँ। 

• बुवाई के बाद झारे से हल्का पानी दें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• पौधों में 2-3 पत्तियाँ आने पर अथवा 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• 65वें दिन पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। 

• लगभग 75वें दिन चुकन्दर तैयार होना शुरू हो जाएगा। 

• 75-90 दिनों के बीच आवश्यकतानुसार चुकन्दर उखाड़ें। 

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5. हरी मिर्च उगाने की विधि

• प्रत्येक ग्रो बैग में किनारों से लगभग 4 इंच जगह छोड़कर दो स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• बीज अंकुरित होने और पौधों में 2-3 पत्तियाँ आने के बाद ग्रो बैग में केवल दो स्वस्थ पौधे रखें। अतिरिक्त पौधों को निकाल दें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35-40 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50-55 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूल आना शुरू हो सकता है। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

महत्वपूर्ण सावधानी

पौधों पर अधिक फूल आने के समय किसी प्रकार का स्प्रे न करें। फूल आने से पहले अथवा फूलों से फल बनने के बाद ही स्प्रे करें।

• 65-70 दिन बाद पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। इस समय फूल से फल बनना शुरू होगा। 

• 80-85 दिन बाद दोबारा FS Super का स्प्रे करें। इस समय मिर्च अपना पूरा आकार लेना शुरू करेगी। 

• 90-150 दिनों के बीच तैयार हरी मिर्च की नियमित तुड़ाई करते रहें। 

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6. टमाटर उगाने की विधि

• प्रत्येक ग्रो बैग में किनारों से लगभग 4 इंच जगह छोड़कर दो स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• अंकुरण के बाद 2-3 पत्तियाँ आने पर ग्रो बैग में केवल दो स्वस्थ पौधे रखें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35-40 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50-55 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूल आना शुरू हो सकता है। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

महत्वपूर्ण सावधानी

अधिक फूल आने के समय कोई स्प्रे न करें। फूल आने से पहले या फूलों से फल बनने के बाद ही स्प्रे करें।

• 65-70 दिन बाद FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूलों से फल बनना शुरू होगा। 

• 80-85 दिन बाद FS Super का दोबारा स्प्रे करें। इस समय फल आकार लेने और पकने लगेंगे। 

• 90-150 दिनों के बीच पके हुए टमाटरों की नियमित तुड़ाई करते रहें। 

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7. मूली उगाने की विधि

• बीजों को ग्रो बैग में लगभग 4 इंच या चार अंगुलियों के अन्तर पर लाइन में बोएँ। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 25वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 30वें दिन पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 40वें दिन मिट्टी और पत्तियों पर Pratirodh तथा FS Super का स्प्रे करें। 

• 45वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• 50वें दिन पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। 

• लगभग 60 दिन बाद मूली तैयार होना शुरू हो जाएगी। 

• 60-70 दिनों में आवश्यकता के अनुसार मूली उखाड़ें। 

मूल दस्तावेज़ में यह भी लिखा है कि किस्म और बढ़वार के अनुसार मूली को 35 से 70 दिन के बीच कभी भी हार्वेस्ट किया जा सकता है।

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8. गाजर उगाने की विधि

• गाजर के बीजों को लगभग 3 इंच या तीन अंगुलियों के अन्तर पर लाइन में बोएँ। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35वें दिन मिट्टी पर Pratirodh और पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 50वें दिन मिट्टी और पत्तियों पर Pratirodh का स्प्रे करें। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• 65वें दिन पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। 

• 80वें दिन पत्तियों पर FS Super का दोबारा स्प्रे करें। 

• लगभग 90 दिन बाद गाजर तैयार होना शुरू हो जाएगी। 

• 90-110 दिनों के बीच आवश्यकता के अनुसार गाजर उखाड़ें। 

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9. फूलगोभी उगाने की विधि

• प्रत्येक ग्रो बैग में किनारों से लगभग 4 इंच जगह छोड़कर दो स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• अंकुरण और 2-3 पत्तियाँ आने के बाद केवल दो स्वस्थ पौधे रखें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35-40 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50-55 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• 65-70 दिन बाद पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूल बनना शुरू होगा। 

• 80-85 दिन बाद FS Super का दोबारा स्प्रे करें। इस अवस्था में फूलगोभी पूरा आकार लेना शुरू करेगी। 

• 90-100 दिनों के बीच समय और आकार देखकर फूलगोभी की कटाई करें। 

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10. पत्तागोभी उगाने की विधि

• प्रत्येक ग्रो बैग में किनारों से लगभग 4 इंच जगह छोड़कर चार स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• अंकुरण और 2-3 पत्तियाँ आने के बाद ग्रो बैग में केवल चार स्वस्थ पौधे रखें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35-40 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50-55 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• 65-70 दिन बाद पौधों पर FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में पत्तागोभी का सिर बनना शुरू होगा। 

• 80-85 दिनों के बीच आकार और बढ़वार देखकर पत्तागोभी की कटाई करें। 

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11. बैंगन उगाने की विधि

• प्रत्येक ग्रो बैग में किनारों से लगभग 4 इंच जगह छोड़कर दो स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• अंकुरण और 2-3 पत्तियाँ आने के बाद केवल दो स्वस्थ पौधे रखें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35-40 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50-55 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। इस समय फूल आना शुरू हो सकता है। 

• 60वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

अधिक फूल आने के समय कोई स्प्रे न करें। फूल आने से पहले या फल बनने के बाद ही स्प्रे करें।

• 65-70 दिन बाद FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूल से फल बनना शुरू होगा। 

• 80-85 दिन बाद FS Super का दोबारा स्प्रे करें। इस अवस्था में फल पूरा आकार लेने और पकने लगेंगे। 

• 90-150 दिनों के बीच तैयार बैंगन की नियमित तुड़ाई करते रहें। 

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बेल वाली सब्जियों की सामान्य प्रक्रिया

लौकी, तोरई और करेला लगाने की शुरुआती प्रक्रिया लगभग एक समान है:

• प्रत्येक ग्रो बैग में किनारों से 4 इंच जगह छोड़कर दो स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• अंकुरण और 2-3 पत्तियाँ आने के बाद केवल दो स्वस्थ पौधे रखें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 15-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 20-25 दिन बाद मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 25-30 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 35-40 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh का स्प्रे करें। 

• 40-45 दिन बाद पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूल आने शुरू हो सकते हैं। 

• 45-50 दिन बाद पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• अधिक फूल आने के समय स्प्रे न करें। 

• 60-65 दिन बाद पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूल से फल बनना शुरू होगा। 

• 65-75 दिन बाद FS Super का दोबारा स्प्रे करें। फल पूरा आकार लेना शुरू करेगा।

 

12. लौकी

उपरोक्त प्रक्रिया के अनुसार पौधों की देखभाल करें। लगभग 75-140 दिनों के बीच तैयार लौकी की नियमित तुड़ाई करते रहें।


13. तोरई

उपरोक्त प्रक्रिया के अनुसार पौधों की देखभाल करें। लगभग 75-120 दिनों के बीच तैयार तोरई की नियमित तुड़ाई करते रहें।


14. करेला

उपरोक्त प्रक्रिया के अनुसार पौधों की देखभाल करें। लगभग 85-120 दिनों के बीच तैयार करेले की नियमित तुड़ाई करते रहें।

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15. चवला फली उगाने की विधि

• प्रत्येक ग्रो बैग में किनारों से 4 इंच जगह छोड़कर दो स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• अंकुरण के बाद केवल दो स्वस्थ पौधे रखें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 30-35 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 40-45 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूल आना शुरू होगा। 

• 50वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• अधिक फूल आने के समय कोई स्प्रे न करें। 

• 55-60 दिन बाद पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। इस समय फूल से फली बनना शुरू होगी। 

• 65-70 दिन बाद FS Super का दोबारा स्प्रे करें। फली पूरा आकार लेना शुरू करेगी। 

• 70-130 दिनों के बीच तैयार चवला फलियों की नियमित तुड़ाई करते रहें। 

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16. ग्वार फली उगाने की विधि

• प्रत्येक ग्रो बैग में किनारों से 4 इंच जगह छोड़कर चार स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• अंकुरण और 2-3 पत्तियाँ आने के बाद केवल चार स्वस्थ पौधे रखें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 30-35 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 40-45 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में फूल आना शुरू होगा। 

• 50वें दिन पत्तियों और मिट्टी पर Terminator का स्प्रे करें। 

• अधिक फूल आने के समय कोई स्प्रे न करें। 

• 55-60 दिन बाद पत्तियों पर FS Super का स्प्रे करें। इस समय फूल से फली बनना शुरू होगी। 

• 65-70 दिन बाद FS Super का दोबारा स्प्रे करें। फली पूरा आकार लेना शुरू करेगी। 

• 70-130 दिनों के बीच तैयार ग्वार फलियों की नियमित तुड़ाई करते रहें। 

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17. माइक्रोग्रीन सलाद उगाने की विधि

1. 4” × 5” × 2” आकार के Self-Breathable Microgreen Grow Bag में लगभग एक इंच मोटी सेमल कॉटन की परत बिछाएँ। 

2. हैंड स्प्रे पम्प से दिन में 3-4 बार पानी का स्प्रे करें। भीगी हुई ट्रीटेड सेमल कॉटन को हाथ से हल्का दबाकर समतल कर लें। 

3. इसके ऊपर माइक्रोग्रीन के बीज समान रूप से छिड़कें। ध्यान रखें कि बीज एक-दूसरे के ऊपर जमा न हों। 

4. बीजों पर हैंड स्प्रे पम्प से हल्की फुहार दें। 

5. ग्रो बैग को प्लेट या कपड़े से ढककर ठंडे स्थान पर रखें। दिन में 3-4 बार पानी की हल्की फुहार देते रहें। 

6. तीसरे दिन अधिकांश बीजों में अंकुरण हो जाने पर प्लेट या कपड़ा हटा दें। 

7. ग्रो बैग को कमरे में ऐसी खिड़की के पास रखें जहाँ हल्का सूर्य प्रकाश मिलता रहे। प्रकाश मिलने पर पीले अंकुर धीरे-धीरे हरे हो जाएँगे। 

8. तीसरे दिन से आठवें दिन तक पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए दिन में 3-4 बार आवश्यकतानुसार पानी का स्प्रे करें। 

9. लगभग 7-8 दिन में माइक्रोग्रीन की लम्बाई 3-4 इंच हो जाएगी और उसमें दो पत्तियाँ आ जाएँगी। 

10. माइक्रोग्रीन को जड़ के ठीक ऊपर से तने सहित कैंची की सहायता से काट लें। 

11. एक 4” × 5” × 2” माइक्रोग्रीन ग्रो बैग से लगभग 20-25 ग्राम माइक्रोग्रीन सलाद प्राप्त हो सकता है। 

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18. फूलवारी लगाने की विधि

• तैयार मिट्टी और ग्रो मीडिया मिश्रण को ग्रो बैग में अच्छी तरह दबाकर भरें। 

• ग्रो बैग के किनारों से लगभग 2 इंच जगह छोड़कर दो स्थानों पर 2-2 बीज लगाएँ। 

• बुवाई के बाद झारे से हल्का पानी दें। 

• 10-15 दिन बाद मिट्टी पर NSDL का स्प्रे करें। 

• सभी बीज अंकुरित हो जाने और पौधों में 2-3 पत्तियाँ आने के बाद ग्रो बैग में केवल दो स्वस्थ पौधे रखें। 

• 18-20 दिन बाद पत्तियों पर FS Power का स्प्रे करें। 

• 27वें दिन मिट्टी पर Terminator और NSDL का स्प्रे करें। 

• 35-40 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Power का स्प्रे करें। 

• 50-55 दिन बाद पत्तियों पर Pratirodh और FS Super का स्प्रे करें। इस अवस्था में पौधों पर फूल आना शुरू हो जाएगा।